
तस्वीर जिसे खींचने के लिए फ़ोटोग्राफ़र ने दस साल इंतज़ार किया
साउथ अफ्रीका के फ़ोटोग्राफ़र विम वैन डेन हीवर की एक तस्वीर को इस साल का वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़र ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड मिला है। यह तस्वीर नामीबिया के घोस्ट टाउन कोल्मान्सकोप में एक दुर्लभ लकड़बग्घे की है।
वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़र ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड ‘घोस्ट टाउन के मेहमान’ (Ghost Town Visitor) को मिला है। यह अवॉर्ड नामीबिया के कोल्मान्सकोप शहर में एक वीरान हीरे की खदान के पास की इमारत के सामने खड़े एक दुर्लभ लकड़बग्घे की तस्वीर को दिया गया है। इस अनोखी तस्वीर को साउथ अफ्रीका के फ़ोटोग्राफ़र विम वैन डेन हीवर ने खींचा है। आयोजकों ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि इस तस्वीर को कैमरा ट्रैप तकनीक का इस्तेमाल करके 10 साल की मेहनत के बाद खींचा जा सका। यह अवॉर्ड जीतने वाली लकड़बग्घे की तस्वीर 60,636 एंट्रीज़ में से एक थी। यह दुनिया की सबसे दुर्लभ लकड़बग्घा प्रजातियों में से एक है। भूरे लकड़बग्घे रात में निकलते हैं और ज़्यादातर अकेले घूमते हैं, इसलिए इन्हें बहुत कम ही देखा जाता है। कोल्मान्सकोप शहर में इनके पैरों के निशान देखने के बाद ही वैन ने कैमरा ट्रैप का इस्तेमाल करके तस्वीर लेने की कोशिश शुरू की।
वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़र ऑफ़ द ईयर जूरी की अध्यक्ष कैथी मोरन ने कहा कि यह तस्वीर दिखाती है कि कैसे जंगली जानवर इंसानों द्वारा छोड़े गए शहर को फिर से अपना घर बना लेते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘यह अच्छा है कि इसे एक घोस्ट टाउन में लिया गया है, इसीलिए इसे देखते ही आपको एक अजीब सी सिहरन महसूस होती है।’ जूरी सदस्य आकांक्षा सूद सिंह ने कहा कि यह तस्वीर इस बात का सबूत है कि कैसे जंगल इंसानी सभ्यता पर फिर से कब्ज़ा कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह तस्वीर, जिसमें लकड़बग्घा बर्बादी के बीच भी जीने की उम्मीद का प्रतीक है, एक ही समय में आकर्षक और परेशान करने वाली है।

