
जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव परिवार पर आरोप तय
बिहार के चर्चित नौकरी के बदले जमीन घोटाले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। CBI की तरफ से दर्ज केस में जज ने पहले ही तय कर दिया था कि वो 9 जनवरी 2026 को फैसला सुनाएंगे।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव , तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी समेत जमीन के बदले नौकरी घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। ये फैसला आरोप तय करने को लेकर आया है। 2009 में यूपीए सरकार में लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप था कि लालू प्रसाद यादव ने रेलवे में नौकरी देने के लिए उम्मीदवारों से जमीन अपने परिवार या फिर किसी और की मार्फत जमीन लिखवाई थी।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि पूर्व रेल मंत्री लालू यादव ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। यादव परिवार ने रेल अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीनें हासिल की। अदालत ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए और 52 लोगों को बरी कर दिया, जिनमें रेल अधिकारी भी शामिल थे। सीबीआई की चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मृत्यु हो चुकी है।
अब इस आदेश के बाद लालू परिवार पर मुकदमा चलेगा। इसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव समेत 30 आरोपी हैं। कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव पर आरोप तय कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में 40 और आरोपियों पर भी आरोप तय कर दिए हैं। हालांकि कोर्ट ने 52 आरोपियों को बरी भी कर दिया है।

