शंकराचार्य से माफी मांगेगा मेला प्रशासन,1 फरवरी को माघ पूर्णिमा का करेंगे स्नान

माघी पूर्णिमा यानी 1 फरवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्नान के लिए प्रयागराज आने वाले हैं। लेकिन इससे पहले उन्होंने 2 शर्तें रखी हैं।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच का विवाद सुलझता दिख रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रयागराज प्रशासन माफी मांगने को तैयार हो गया है। माघी पूर्णिमा यानी 1 फरवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्नान के लिए प्रयागराज आने वाले हैं। लेकिन इससे पहले उन्होंने 2 शर्तें रखी हैं। उनकी पहली शर्त है कि घटना के जिम्मेदार माफी मांगे, लिखित माफीनामा दें। उनकी दूसरी मांग है कि स्नान के लिए चारों शंकराचार्य का प्रोटोकॉल लागू किया जाए। हालांकि अभी तक प्रशासन की तरफ से इस नए डेवलपमेंट पर कुछ नहीं कहा गया है।
खबर है कि अब शासन के कुछ अधिकारी वाराणसी आएंगे। वहां से वो शंकराचार्य को लेकर प्रयागराज जाएंगे। उन्हें माघी पूर्णिमा पर संगम स्नान कराया जाएगा।
18 जनवरी मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी में बैठकर स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। इस बात को लेकर पुलिस और उनके शिष्यों की बीच झड़प हो गई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। 11 दिन धरने के बाद वो 28 जनवरी की सुबह प्रयागराज से वाराणसी आ गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक विवाद सुलझाने के लिए एक दिन पहले 27 जनवरी को अधिकारियों के साथ उनकी सीक्रेट मीटिंग हुई थी। तब अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन से लिखित माफी की मांग की थी। लेकिन अधिकारी तैयार नहीं हुए थे। मेले में क्राउड मैनेजमेंट के दौरान जो कुछ हुआ उस पर अधिकारियों ने खेद जताया। लेकिन सार्वजनिक माफी के लिए तैयार नहीं हुए थे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने खुद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि अधिकारियों ने लेटर भेजकर उन्हें सम्मान के साथ स्नान कराने का प्रस्ताव भेजा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button