
बसंत पंचमी पर भोजशाला में पूजा के साथ नमाज भी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पर धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर को लेकर फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हिंदुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की पूजा करने की अनुमति दी है। वहीं, मुसलमानों को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक शुक्रवार की नमाज अदा करने की इजाजत मिली है।
वसंत पंचमी पर मां वाग्देवी की पूजा के आयोजन को देखते हुए धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पर मध्य प्रदेश के धार जिले में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा करने की इजाजत दे दी है। वहीं मुसलमानों को भी दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक शुक्रवार की नमाज पढ़ने की इजाजत मिली है।
भोजशाला मस्जिद परिसर में बसंत पंचमी पूजा के कारण सूर्योदय से सूर्यास्त तक नमाज़ न पढ़ने की मांग वाली अर्जी दायर की गई थी। इसी पर आज सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला मस्जिद विवाद मामले को चुनौती देने वाली याचिका पर आज यानी गुरुवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद पर बीच का रास्ता निकाला। मतलब भोजशाला में पूजा भी होगी और नमाज भी. सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पूजा को सूर्योदय से सूर्यास्त तक की इजाज़त दी। जबकि जुमे की नमाज दोपहर 1 बजे से तीन बजे तक होगी।

