टेलीकॉम फर्म मालिक बंकिम ब्रह्मभट्ट पर 4400 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप

भारतीय मूल के बंकिम ब्रह्मभट्ट पर अमेरिका में हजारों करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। ब्लैकरॉक और अन्य ऋणदाता रकम वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। बंकिम ब्रॉडबैंड टेलीकॉम और ब्रिजवॉइस के मालिक हैं। ऋणदाताओं ने उन पर फर्जी इनवॉइस बनाकर लोन लेने का आरोप लगाया है, जिसका उन्होंने खंडन किया है।

नई दिल्ली। भारतीय मूल के बंकिम ब्रह्मभट्ट पर अमेरिका में हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। अमेरिकी मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट कंपनी ब्लैकरॉक की प्राइवेट-क्रेडिट इन्वेस्टिंग ब्रांच और दूसरे लेंडर्स इस रकम को वसूलने की कोशिश में लगे हैं।
बंकिम ब्रह्मभट्ट ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। वह एक टेलिकॉम-सर्विस कंपनी के मालिक हैं। लेंडर्स ने उन पर अकाउंट्स रिसीवेबल में हेरफेर करने का आरोप है, जिन्हें लोन कोलैटरल के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था।
बंकिम ब्रह्मभट्ट ब्रॉडबैंड टेलीकॉम और ब्रिजवॉइस के मालिक हैं। ये ग्लोबल टेलीकॉम-सर्विस सेक्टर की कम जानी-मानी कंपनियां हैं। ये दोनों कंपनियां बैंकाई ग्रुप की हैं, जिसने जुलाई के एक एक्स पोस्ट में बंकिम ब्रह्मभट्ट को प्रेसिडेंट और सीईओ बताया था। बैंकाई ग्रुप के एक्स बायो में इसे “टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री में दुनिया भर में जाना-माना लीडर बताया गया है, जो टेल्को, ऑपरेटर्स और दूसरी कंपनियों के साथ टेलीकॉम टेक्नोलॉजी और कैरियर बिजनेस में अपनी जगह बनाए हुए है।”
इसकी वेबसाइट के मुताबिक, बंकिम ब्रह्मभट्ट का बिजनेस दुनिया भर के दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटरों को इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी सॉल्यूशन देता है। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक ब्रह्मभट्ट के ऑफिस न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में थे।
लेंडर्स के मुताबिक, उन्होंने फाइनेंसिंग व्हीकल्स का एक नेटवर्क बनाया, जिसमें कैरिओक्स कैपिटल और बीबी कैपिटल एसपीवी शामिल हैं। इसने ब्लैकरॉक के एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स के नेतृत्व में प्राइवेट-क्रेडिट इन्वेस्टर्स से करोड़ों डॉलर उधार लिए। एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स एक प्राइवेट-क्रेडिट कंपनी है जिसे हाल ही में ब्लैकरॉक ने खरीद लिया है।
लोन देने वालों ने उन पर कस्टमर इनवॉइस बनाने और उन नकली रिसीवेबल्स को 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा के लोन के लिए कोलैटरल के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। जबकि, ब्रह्मभट्ट के वकील ने इन आरोपों को गलत बताया है।
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में मामले से परिचित जानकारों के हवाले से बताया गया कि ब्रह्मभट्ट अभी भारत में हैं। खबर है कि एचपीएस में काम करने वाले एक व्यक्ति ने जुलाई में ब्रह्मभट्ट की कंपनियों के गार्डन सिटी ऑफिस का दौरा किया और उन्हें बंद पाया।

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