
1 अप्रैल से बंद हो सकता है NHAI टोल प्लाजाओं पर नकद में लेनदेन
नेशनल हाईवे पर आने-जाने वालों को जल्द ही टोल प्लाजा पर पूरी तरह से डिजिटल पेमेंट मोड पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इसकी वजह है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पूरे देश में कैश ट्रांजैक्शन को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार कर रहा है।
देशभर में स्थित एनएचएआई के 1150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर आगामी एक अप्रैल से टोल का लेन-देन पूरी तरह से डिजिटल करने की तैयारी की जा रही है। इसमें नकद लेनदेन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। ऐसा सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के अलावा कैश लेनदेन से टोल प्लाजा पर लगने वाली लाइनों, होने वाले झगड़ों और ट्रैफिक को आराम से निकल जाने के मकसद से किया जाएगा।
टोल लेनदेन का एक बड़ा हिस्सा गाड़ियों में लगे आरएफआईडी-सक्षम फास्टैग के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से होता है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान सुविधा भी शुरू कर दी गई है। इससे देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रियों के लिए तेज और आसान डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध हो गए हैं।
चालू फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वालों से दो गुना टोल वसूला जाता है। सरकार अब इस दोगुना टोल को भी खत्म करते हुए केवल डिजिटल टोल लेने को प्राथमिकता देना चाह रही है। जिसे देखते हुए एक अप्रैल से नकद टोल लेनदेन पूरी तरह से बंद करने की तैयारी की जा रही है।

