गोरखपुर बनेगा पूर्वांचल का औद्योगिक केंद्र

प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए आवंटन पांच गुना बढ़ाकर 5,041 करोड़ रुपये किया है। इससे गोरखपुर को 'एक जनपद एक उत्पाद' योजना के तहत टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता देते हुए आवंटन में पांच गुना से अधिक की वृद्धि की है। इस क्षेत्र के लिए कुल 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिसका सीधा लाभ गोरखपुर जैसे उभरते औद्योगिक जिलों को मिलने की उम्मीद है।
खासतौर पर मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप गोरखपुर को ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार की गई है।
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30,000 नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इसका बड़ा हिस्सा पूर्वांचल, विशेषकर गोरखपुर मंडल में साकार करने की योजना है। स्थानीय स्तर पर टेक्सटाइल इकाइयों की स्थापना, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन और आधुनिक मशीनरी के उपयोग से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
‘उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पालिसी-2022’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस नीति के तहत निवेशकों को अनुदान, पूंजी सब्सिडी और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गोरखपुर में यदि नई टेक्सटाइल इकाइयां स्थापित होती हैं तो स्थानीय बुनकरों, दर्जियों और कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा।

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