न्यूजीलैंड-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: रोजगार और निर्यात में होगी बढ़ोतरी

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) देश में रोजगार, आय और निर्यात बढ़ाएगा। इस समझौते से न्यूजीलैंड के व्यवसाय 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंच पाएंगे। इससे ज़्यादा नौकरियाँ, ज़्यादा इनकम और कारोबार में बढ़ोतरी होगी।

भारत और न्यूज़ीलैंड ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत, न्यूज़ीलैंड 100% भारतीय उत्पादों को शुल्क मुक्त आयात करेगा, जबकि भारत 70% उत्पादों पर शुल्क कम करेगा।
समझौते में सेवाओं और पेशेवरों की आवाजाही पर भी ध्यान दिया गया है। न्यूजीलैंड ने 118 सेवाओं के क्षेत्रों में बाजार पहुंच दी है और 139 उप-क्षेत्रों में MFN ट्रीटमेंट दिया है, जिसमें IT, प्रोफेशनल सर्विसेज, टेलीकॉम, निर्माण, पर्यटन और शिक्षा शामिल हैं। भारतीय छात्रों पर कोई संख्यात्मक सीमा नहीं होगी। STEM स्नातक तीन साल और डॉक्टरेट छात्र चार साल तक पोस्ट-स्टडी वर्क राइट्स का लाभ ले सकेंगे। 5,000 भारतीय पेशेवरों के लिए टेम्पररी एम्प्लॉयमेंट वीजा मिलेगा, जैसे IT, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और कंस्ट्रक्शन में। साथ ही योग, AYUSH, शेफ और म्यूज़िक टीचर्स के लिए विशेष श्रेणियां होंगी। हर साल अतिरिक्त 1,000 वर्क-एंड-हॉलीडे वीज़ा जारी किए जाएंगे।
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को एक ऐतिहासिक डील बताया है. उनके मुताबिक़ इससे ज़्यादा नौकरियाँ, ज़्यादा इनकम और कारोबार में बढ़ोतरी होगी।
प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, “हमने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करेंगे और हमने यह कर दिखाया है। इस ऐतिहासिक डील का मतलब है ज़्यादा नौकरियाँ, ज़्यादा इनकम और 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दरवाज़ा खोलकर ज़्यादा एक्सपोर्ट करना। उन्होंने मुताबिक़ इस समझौते का मक़सद बुनियादी चीज़ों को ठीक करना और भविष्य का निर्माण करना है।

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