अमेरिका-ईरान जंग में हिजबुल्लाह भी शामिल

ईरान अमेरिका जंग में लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी शामिल हो गया है।लेबनान के राष्ट्रपति ने इजराइल और हिज्बुल्लाह दोनों की आलोचना की, लेबनानी लोगों से जबरन घर खाली करवा रही इजराइली सेना

इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग का आज तीसरा दिन है। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि आने वाले दिनों में तेहरान पर हमले और तेज होंगे। वहीं, ईरान ने जवाब में इजराइल समेत 9 देशों में अमेरिकी बेस पर हमले किए हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई इस लड़ाई के पहले दिन हुई बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। वहीं, इस जंग में लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी शामिल हो गया है। उसने इजराइल में कई जगहों पर बमबारी की है। दूसरी तरफ इजराइल ने बॉर्डर से लगे लेबनान के 50 गांव खाली करा लिए हैं।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजराइल और हिज्बुल्लाह दोनों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि लेबनान की जमीन से हिज्बुल्लाह का इजराइल पर हमले करना ठीक नहीं है। इससे लेबनान को बड़े युद्ध में घसीटा जा सकता है।

राष्ट्रपति ने इजराइल के लेबनान पर हमलों की भी आलोचना की और कहा कि यह गलत है। उन्होंने साफ कहा कि लेबनान को ऐसे किसी भी युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, जिसका उससे सीधा मलतब नहीं है। अगर ऐसा हुआ, तो देश को बड़ा नुकसान हो सकता है।

इजराइली सेना ने लोगों को जबरन अपना इलाका छोड़ने का आदेश दिया है। इसके बाद सैकड़ों हजार लोग आज सुबह अपने घर छोड़कर निकल रहे हैं। यह सिर्फ दक्षिणी लेबनान में ही नहीं, बल्कि राजधानी बेरूत में भी हो रहा है।

बेरूत के दहियाह में लाखों लोग रहते हैं। लोग जितना सामान साथ ले जा सकते हैं, उतना पैक कर रहे हैं और उन्हें जो जगह सुरक्षित लग रही है, वहां जाने की कोशिश कर रहे हैं।

दहियाह को हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है। 2024 के आखिरी युद्ध के दौरान इस इलाके पर कई बार हमला हुआ था और उसके बाद भी कई बार हमले हुए। उस साल नवंबर में युद्धविराम (सीजफायर) हुआ था।

इजराइल पर आरोप है कि उसने समझौते का पालन नहीं किया और हमले जारी रखे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button