
बिगड़ते जलवायु के कारण अब आइसलैंड भी नही रहा मच्छर मुक्त
आइसलैंड अभी तक दुनिया उन दो क्षेत्रों में से एक था, जहां मच्छर नहीं पाए जाते थे। इस क्षेत्र की ठंडी जलवायु के कारण यहां मच्छर नहीं थे आइसलैंड की जलवायु ठंडी है और स्थिर जल की कमी है। इससे कीट प्रजनन नहीं कर पाते हैं। यह अब तक मच्छरों के ना होने की वजह रही है।
यूरोपीय देश आइसलैंड में पहली बार मच्छर देखे गए हैं। ये मच्छर आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक के दक्षिण-पश्चिम में स्थित हिमनद घाटी कजोस में पाए गए। पूरे साल बर्फ से ढके रहने वाले आइसलैंड में बढ़ते तापमान के बीच ये घटनाक्रम हुआ है। आइसलैंड में इस साल वसंत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी है। इसी को मच्छरों के पैदा होने की वजह माना जा रहा है। आइसलैंड अभी तक दुनिया की उन आबादी वाली जगहों में शामिल था, जहां मच्छर नहीं थे।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कीट प्रेमी ब्योर्न ह्याल्टेसन ने कई रातों तक शराब में भीगी रस्सियों का इस्तेमाल करते हुए पतंगों का निरीक्षण करते समय इन मच्छरों को देखा। ह्याल्टेसन ने दो मादा और एक नर मच्छर पाए हैं। ये कुलिसेटा एन्नुलाटा प्रजाति के हैं। यह उन कुछ प्रजातियों में से एक है, जो सर्दियों में जीवित रह सकती है।
ब्योर्न ह्याल्टेसन ने कहा कि शुरू में मुझे समझ नहीं आया कि यह क्या है। ऐसे में उन्होंने इनकी पहचान के लिए आइसलैंडिक इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल हिस्ट्री भेजा। आइसलैंडिक इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल हिस्ट्री में जांच के बाद कीट विज्ञानी मैथियास अल्फ्रेडसन ने इनके मच्छर होने की पुष्टि की। अल्फ्रेडसन ने बताया कि ये प्रजातियां यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आम हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये आइसलैंड कैसे पहुंचीं। आइसलैंड की जलवायु ठंडी है और स्थिर जल की कमी है। इससे कीट प्रजनन नहीं कर पाते हैं। यह अब तक मच्छरों के ना होने की वजह रही है।
आइसलैंड की जलवायु ठंडी है और स्थिर जल की कमी है। इससे कीट प्रजनन नहीं कर पाते हैं। यह अब तक मच्छरों के ना होने की वजह रही है। इस साल आइसलैंड ने उच्च तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए। आइसलैंड में मई में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक कभी-कभी जाता है। इस साल देश के कई हिस्सों में लगातार 10 दिन यह सीमा पार हुई।

