
8000 रुपये से भी ज्यादा उछली चांदी, आगे भी बनी रहेगी मुनाफावसूल
चांदी की कीमत में तेजी का दौर जारी है और यह 46 साल में सबसे बेहतर प्रदर्शन की तरफ बढ़ रही है। इस साल चांदी की कीमत करीब 120 फीसदी बढ़ चुकी है। चांदी का इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते उद्योगों में व्यापक इस्तेमाल होता है।
26 दिसंबर को चांदी में भयंकर उछाल देखने को मिल रहा है। कमोडिटी मार्केट खुलते ही इसमें 8000 रुपये प्रति किलो से भी ज्यादा की तेजी है। चांदी में ऐसा उछाल बहुत समय बाद देखने को मिला है। अगर चांदी में चल रही बढ़ोतरी बरकरार रहती है तो जल्द चांदी का भाव 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच जाएगा।
चांदी ने अब तक 2,24,374 रुपये प्रति किलो का लो रिकॉर्ड और 2,32,741 रुपये प्रति किलो का हाई रिकॉर्ड बनाया है। जानकारों का कहना है चांदी का इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते उद्योगों में व्यापक इस्तेमाल होता है। उद्योगों की शानदार ग्रोथ ने चांदी की मांग बढ़ा दी है। इसकी सप्लाई में डिमांड के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं हुई है, इसलिए कीमतें आसमान छू रही हैं। थोड़ी-बहुत मुनाफावसूली हो सकती है, लेकिन चांदी की कीमतें मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत $66 के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इस बीच सोने की कीमत में आज मामूली गिरावट दिख रही है। 5 फरवरी की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,34,409 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,35,079 रुपये पर खुला। दोपहर बाद 2.12 बजे यह 258 रुपये की गिरावट के साथ 1,34,151 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में यह 1,33,373 रुपये तक लो और 1,35,249 रुपये तक हाई गया।

