
गीडा की ओर से चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का किसानों ने किया विरोध
गीडा की ओर से चल रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया। किसान किसी भी क़ीमत पर जमीन देने को तैयार नहीं। एकला बाजार, तालनवर और बाघागाड़ा गांवों के किसानों ने की संयुक्त बैठक।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की ओर से प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ क्षेत्र के किसानों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रविवार को एकला बाजार, तालनवर और बाघागाड़ा गांव के किसानों ने एकला पंचायत भवन में संयुक्त बैठक की। किसानों ने एकमत से गीडा प्रशासन को किसी भी कीमत पर अपनी जमीन न देने का निर्णय लिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब गीडा की ओर से क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसका किसान लगातार विरोध कर रहे हैं।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि गीडा द्वारा अधिग्रहण के लिए जो सूची समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई है, वह जमीनी हकीकत से परे है। किसानों के अनुसार, इस अधिग्रहण की जद में लगभग 200 पक्के मकान और शिक्षण संस्थान स्कूल आ रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता खेदन लाल यादव और एकला के ग्राम प्रधान विनोद निषाद ने की। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता व रेल सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र मोहन उर्फ गुड्डू तिवारी ने कहा कि सोमवार को किसान भाई शांतिपूर्ण तरीके से गीडा के अधिकारियों से अपनी मांग रखने जा रहे हैं। ये वो लोग हैं जो दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर हमारा पेट भरते हैं लेकिन प्रशासन किसानों की आवाज दबाना चाह रही, जो हम लोग दबने नहीं देंगे। किसानों का धैर्य पर्वत जैसा है, लेकिन जब गुस्सा फूटता है तो तूफान बन जाता है।
एकला के ग्राम प्रधान विनोद निषाद ने कहा कि विकास के नाम पर हमारी जमीन छीनी जा रही है। वे खेत जहां पीढ़ियां बीज बोती आई हैं, जहां हरियाली लहराती है और जीवन पनपता है, उसी को हाईवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर या प्रोजेक्ट के नाम पर ले लिया जा रहा है। यह हमारे साथ अन्याय है।
बैठक में उपस्थित संतोष कुमार, रमेश चंद, राजकुमार मौर्य, मारकंडे मौर्य, सुरेंद्र कुमार, अनूप मौर्य, गुलाब निषाद, छत्रधारी यादव, शैलेंद्र यादव, मनोज कुमार, सुनील यादव, शेषनाथ मौर्य, दिनेश साहनी, शिव कुमार कनौजिया आदि किसान उपस्थित रहे।

