हाई अलर्ट के बाद 7 नवंबर तक सील किया गया भारत-नेपाल बॉर्डर

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने की गुप्त सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भारत-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट मोड में है. इस कड़ी दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा को 3 नवंबर से 7 नवंबर तक पूरी तरह सील कर दिया गया है.

विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान को लेकर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसके तहत दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा को 3 नवंबर से 7 नवंबर तक पूरी तरह सील कर दिया गया है. यानी इस अवधि में दोनों देशों के बीच आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
इसकी जानकारी एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट प्रियरंजन चकमा ने दी. उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाया गया है.
बॉर्डर के सभी रास्तों पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्ती बढ़ा दी गई है. ग्रामीणों से भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है. बीडीओ सह निर्वाचन पदाधिकारी बप्पी ऋषि ने कहा कि निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार सीमा पार शराब, नकदी और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी पर सख्त निगरानी बरती जा रही है.
चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने की गुप्त सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां भारत-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट मोड में आ गई हैं. सीमा पर बरती जा रही कड़ी चौकसी के बीच पहले से तीना गुना अधिक हथियारों की जब्ती और गिरफ्तारियां हो रही हैं. मिली जानकारी के अनुसार, एनसीबी, आयकर विभाग, डीआरआई और सीजीएसटी जैसी एजेंसियां बॉर्डर पर 24 घंटे सतर्क हैं. इसके तहत नेपाल सीमा से हथियार, नशीले पदार्थ और धन की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का बयान
बता दें कि, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने पिछले दिनों मुजफ्फरपुर में एनडीए प्रत्याशियों के नामांकन आशीर्वाद सभा के दौरान कहा था कि इस चुनाव में सिर्फ महागठबंधन ही साजिशें नहीं कर रहा है बल्कि इसमें देश विरोधी ताकतें भी शामिल हैं.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के इस बयान के बाद खुफियां एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. वहीं, निर्वाचन आयोग ने नेपाल बॉर्डर से गड़बड़ी की संभावनाओं पर ध्यान रखते हुए हथियार, नशीले पदार्थ और धन की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है.
सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया बार्डर से लेकर मोतिहारी, बेतिया व बगहा में करीब 100 जगहों पर चेकिंग प्वाइंट्स बनाए गए हैं. यहां एसएसबी व पुलिस की चौबीस घंटे तैनाती की गई है.
इन तीनों जिलों में 5500 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं. साथ ही नकदी और नशीले पदार्थ भी बरामद किए जा रहे हैं. नेपाल सीमा से बिहार के सात जिले लगते हैं. इन जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी के साथ ही मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज भी शामिल है. इन 7 जिलों में कुल 54 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. जिसके तहत पश्चिम चंपारण जिले में 9, पूर्वी चंपारण में 12, सीतामढ़ी में 8, मधुबनी में 10, अररिया में 6, किशनगंज में 4 और सुपौल में 5 विधानसभा क्षेत्र हैं.

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