
केरल स्थानीय चुनाव में UDF की जीत, LDF को झटका
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को कड़ा झटका दिया है। राज्य के 6 नगर निगमों में से चार पर UDF ने कब्जा जमाया, जबकि LDF और NDA को एक-एक नगर निगम से संतोष करना पड़ा।
केरल के स्थानीय चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ़) ने बड़ी जीत के साथ वापसी की है। जबकि सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट (एलडीएफ़) को बड़ा झटका लगा है।
इन दो गठबंधनों की जीत-हार से इतर चर्चा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) की तिरुवनंतपुरम में जीत की भी है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एनडीए सबसे बड़ा गठबंधन बनकर सामने आया है। एलडीएफ़ शासित इस नगर निगम में एनडीए ने 101 में से 50 वार्डों में जीत हासिल की है।
इस जीत की चर्चा इसलिए भी क्योंकि तिरुवनंतपुरम कांग्रेस सांसद शशि थरूर का क्षेत्र है और राज्य में अगले साल (2026) विधानसभा चुनाव हैं। बीजेपी तिरुवनंतपुरम में पार्टी की जीत को केरल में ‘एक नए अध्याय की शुरुआत’ के तौर पर देख रही है।
नतीजों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने इसे 2026 विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत संकेत बताया। राहुल गांधी ने कहा कि यह जनादेश जवाबदेह और जनता की बात सुनने वाली सरकार की मांग को दर्शाता है। वहीं, केरल कांग्रेस और UDF नेताओं ने दावा किया कि यह जीत “आगामी विधानसभा चुनावों की ट्रेलर” है।

