
ऑडियो बुक कैटेगरी में दलाई लामा ने जीता अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड
90 साल की उम्र में तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। यह ग्लोबल अवॉर्ड उन्हें उनके स्पोकन-वर्ड एल्बम 'मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा' के लिए मिला है।
संगीत की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ग्रैमी अवॉर्ड पहली बार किसी आध्यात्मिक गुरू को मिला है। तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। 68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार समारोह में उनके एल्बम ‘मेडिटेशन: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ को ग्रैमी अवॉर्ड दिया गया है।
दलाई लामा ने ऑडियो बुक, नैरेटर और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग कैटेगरी के लिए अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता, जिसमें उन्होंने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन को हराया है। ऐसे में के-पॉप और स्टीवन स्पीलबर्ग के साथ अवॉर्ड जीतने वाले कलाकारों की सूची में दलाई लामा का नाम भी शामिल हो गया है।
बता दें कि जिस ऑडियो एल्बम के लिए दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला है, वह दुनिया भर के लोगों को शांति का संदेश देती है। एल्बम ‘मेडिटेशन: रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ तिब्बती बौद्ध गुरू के विचारों का संग्रह है। इसमें करुणा, मन की शांति को बढ़ाने पर विचार साझा किए गए हैं। यह एल्बम दुख से उबरने की राह दिखाती है। इसमें म्यूजिक, मेडिटेशन और आध्यात्मिक विचार सभी कुछ शामिल हैं। दलाई लामा की इस ऑडियो एल्बम का मकसद दुनिया भर में सद्भाव और खुशहाली को बढ़ाना है।

