
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। यह दस्तावेज बताता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिका के टैरिफ (शुल्क) के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जिसमें केंद्रीय बजट से पहले अर्थव्यवस्था के बारे में सरकार के आकलन के बारे में बताया गया। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान लगाया गया है। तुलनात्मक रूप से, पिछले वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि दर 6.3% से 6.8% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था और दृष्टिकोण को संतुलित बताया गया था।
सरकार ने आर्थिक सर्वे में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी टैरिफ (Tariffs) ने हमारे निर्यातकों और विनिर्माताओं (Manufacturers) पर दबाव डाला। लेकिन, भारत ने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया।
सरकार ने कहा कि महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से डिमांड को सपोर्ट मिला और अगले वित्त वर्ष में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है।
आर्थिक सर्वे से पहले पीएम मोदी ने कहा कि देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर केंद्रित है। लेकिन इस सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन रही है। अब हमने ‘सुधार एक्सप्रेस’ को तेजी से आगे बढ़ा दिया है। इस ‘सुधार एक्सप्रेस’ को गति देने में सकारात्मक योगदान के लिए मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। परिणामस्वरूप, ‘सुधार एक्सप्रेस’ रफ्तार पकड़ रही है।

