क्या है गलगोटिया यूनिवर्सिटी का रोबोटिक डॉग विवाद

गलगोटिया यूनिवर्सिटी रोबोटिक डॉग विवाद और पेटेंट आवेदन संबंधी आरोपों के कारण अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेल रही है। चीन ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने AI समिट में एक रोबोटिक डॉग को अपना बताया, जबकि यूनिवर्सिटी का कहना है कि इसे छात्रों की पढ़ाई के लिए खरीदा गया था।

नई दिल्ल्ली में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit) से विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को बाहर कर दिया गया है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शनी में ओरियन (Orion) नाम का ‘रोबोट डॉग’ प्रदर्शित किया। यूनिवर्सिटी ने बताया था कि यह रोबोट उनका इनोवेशन है।

असल में यह रोबोट यूनिट्री (Unitree) कंपनी का यूनिट्री गो2 (Unitree Go2) था। इसे चीन की रोबोटिक्स फर्म यूनिट्री ने बनाया है और भारत में करीब 2 से 3 लाख रुपये में बिकता है।

चीन के आरोप के बाद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का कहना है कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि उन्होंने रोबोटिक डॉग बनाया है। रोबोटिक डॉग जनवरी 2026 में एक इंडियन कंपनी से खरीदा गया था। हो सकता है कि कंपनी ने इसे चीन से इंपोर्ट किया हो। इसका मकसद बच्चों को डेवलप करना था।

यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार ने रोबोटिक डॉग खरीदने के पीछे का मकसद बताते हुए कहा कि इसे स्टूडेंट्स को नई AI टेक्नोलॉजी सीखने में मदद करने के लिए खरीदा गया था।

स्टूडेंट्स इसके साथ रिसर्च कर रहे हैं और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं। जब उनसे इसे फिर से डेवलप करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि “डेवलप” और “डेवलपमेंट” में फ़र्क होता है, जिससे कभी-कभी अलग-अलग मतलब निकल सकते हैं, इसलिए लोगों को यह समझने की जरूरत है। यह रोबोटिक डॉग खरीदा जा चुका है।

यूनिवर्सिटी पर आरोप लग रहे हैं कि वह रिकॉर्ड रखने के लिए सबसे ज्यादा एप्लीकेशन फाइल करती है, फिर भी ज़मीन पर कोई एक्शन नहीं दिख रहा है। इस मामले में मैनेजमेंट ने चुप्पी साध रखी है, और कहा है कि प्रोडक्ट डेवलप किया जा रहा है।

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