
राजपाल यादव के सपोर्ट में उतरी फिल्म इंडस्ट्री
इन दिनों तिहाड़ जेल में सजा काट रहे अभिनेता राजपाल यादव को अब सोनू सूद समेत कई अन्य कलाकारों का भी समर्थन मिल रहा है।
9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद से एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद हैं। एक्टर इन दिनों आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और उनके पास लौटाने के लिए इतनी बड़ी रकम नहीं है। खबर सामने आने के बाद कई बॉलीवुड एक्टर्स राजपाल यादव को आर्थिक मदद दे रहे हैं, जिनमें अब सलमान खान, अजय देवगन भी शामिल हो चुके हैं।
राजपाल यादव के मैनेजर ने कहा है कि बुधवार को सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन और डेविड धवन जैसे कई सेलेब्स ने उनसे संपर्क कर आर्थिक सहायता दी है।
सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन ने सपोर्ट दिया है। मेरी डेविड धवन से भी बात हुई। रतन नैन, वरुण धवन… इस बार बहुत लोग आगे आए हैं। राजपाल ने इसके लिए आभार जताया है।”
जब गोल्डी से पूछा गया कि क्या राजपाल ने तिहाड़ में सरेंडर से पहले मदद मांगी थी, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहूंगा।” हालांकि, उन्होंने कहा, “अच्छी बात यह है कि स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री मजबूती से उनके साथ खड़ी है। सबने कमिटमेंट किए हैं, लेकिन ऐसे लेन-देन तुरंत नहीं होते।”
‘राजपाल यादव कल जमानत पर बाहर आ सकते हैं’
बुधवार को FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉय्ज) ने सभी प्रोड्यूसर से अपील की है कि वो जल्द से जल्द राजपाल यादव की मदद करें। फेडरेशन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में लिखा गया है,
राजपाल यादव सिर्फ ऐसे प्रसिद्ध अभिनेता ही नहीं हैं जिन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा से लाखों लोगों को खुशी और हंसी दी है, बल्कि वे इंडस्ट्री के एक समर्पित सदस्य भी हैं, जिन्होंने दशकों की मेहनत और यादगार भूमिकाओं के जरिए भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। श्री राजपाल यादव इस समय गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिनमें बढ़ती देनदारियां और कारावास भी शामिल हैं। यह स्थिति उनके चरित्र या ईमानदारी को नहीं दर्शाती, बल्कि उन हालात का परिणाम है जो नियंत्रण से बाहर हो गए।
आगे लिखा गया है, ‘इस निर्णायक घड़ी में FWICE का मानना है कि यह समय है जब फिल्म इंडस्ट्री अपने एक साथी के प्रति एकजुटता, करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दे। आर्थिक संकट किसी को भी प्रभावित कर सकता है, चाहे उसका कद या सफलता कुछ भी हो। एक बिरादरी के रूप में हमारी पहचान इस बात से तय होती है कि हम जरूरत के समय अपने सहयोगियों के साथ कैसे खड़े होते हैं।’

