
गोरखपुर विश्वविद्यालय में बनेगी एआई लैब, होगा बहुविषयी शोध
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में एक एआई लैब स्थापित करने की योजना है। कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एआई लैब बनाए जाने की योजना है। इसके लिए कंप्यूटर साइंस विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। लैब की स्थापना पीएम ऊषा योजना के तहत मिले 100 करोड़ रुपये में से की जाएगी। इस लैब में बहुविषयी शोध पर जोर रहेगा।
इस लैब में तीन ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) लगभग 30 आई9 आधारित वर्क स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह लैब केवल कंप्यूटर साइंस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि विज्ञान संकाय के अन्य विभागों के के लिए भी साझा संगणनात्मक संसाधन के रूप में कार्य करेगी। मनोविज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, इतिहास व प्राचीन इतिहास जैसे मानविकी के विषयों के शोधार्थी भी इस लैब का उपयोग कर सकेंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि परिसर में इंजीनियरिंग से संबंधित कई कोर्स का संचालन किया जा रहा है। यह एआई का युग है। इसलिए इसकी स्थापना का निर्णय लिया गया है। यह लैब विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप दक्ष बनाएगी।

