
भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारत देगा चार हज़ार करोड़ का कर्ज़
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम सहित भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के प्रति भारत के समर्थन की पुष्टि की और भूटान को उसकी प्रमुख विकास प्राथमिकताओं को हासिल करने और सभी क्षेत्रों में सतत विकास को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से मदद करने का आश्वासन दिया
भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारत उसे चार हज़ार करोड़ भारतीय रुपये कर्ज़ के रूप में देगा. यह कर्ज़ रियायती दरों पर दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूटान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और कई घोषणाएं हुईं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.
बुधवार को पीएम मोदी ने भूटान के चौथे राजा द्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के साथ द्विपक्षीय बैठक में शिरकत की और दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की.
पीएम मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछु-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया.
इसके अलावा दोनों देशों के बीच 1200 मेगावाट की पुनात्सांगछु-I जलविद्युत परियोजना के मुख्य बांध का काम फिर से शुरू करने पर भी सहमति बनी है. यह दोनों देशों की ओर से संयुक्त रूप से विकसित सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी.
भारत और भूटान के बीच रिन्यूएबल एनर्जी, स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एमओयू साइन हुए.
इसके अलावा वाराणसी में भूटान के मंदिर/मोनेस्ट्री और गेस्ट हाउस बनाने के लिए ज़मीन देने का एलान भी हुआ है.

