
हज खालिस अल्लाह से जुड़ने का रूहानी सफ़र है
हज यात्रा इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो दुनिया भर के सक्षम मुसलमानों के लिए सऊदी अरब के मक्का शहर में की जाने वाली एक पवित्र वार्षिक तीर्थयात्रा है।
हज 2026 के रूहानी माहौल के बीच आज मैदान-ए-अरफ़ात स्थित मस्जिद-ए-नमिरा में ख़ुत्बा-ए-अरफ़ा दिया गया, जिसे सुनने के लिए लाखों हाजियों का विशाल जनसमूह मौजूद रहा। इस अवसर पर मक्का के उप-गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल बिन अब्दुलअज़ीज़, सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ़्ती शेख सालेह अल-फ़ौज़ान, इस्लामी मामलों, दावत एवं मार्गदर्शन मंत्री शेख अब्दुल्लतीफ़ आल-अलशेख तथा हरमैन शरीफ़ैन के धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख अब्दुर्रहमान अल-सुदैस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मस्जिद-ए-नबवी के इमाम शेख अली अल-हुदैफ़ी ने अपने ख़ुत्बे में कहा कि हज इस्लाम का एक महान और बुनियादी स्तंभ है, जिसकी बुनियाद पूर्ण एकेश्वरवाद, अल्लाह की बंदगी और आज्ञाकारिता पर टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि हज केवल एक इबादत नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के बीच भाईचारे, पारस्परिक परिचय, सहयोग और एकता का वैश्विक प्रतीक भी है, जहां नस्ल, भाषा और राष्ट्रीयता के सारे भेद मिट जाते हैं।

