गोरखपुर में LPG सिलेंडर बिक्री में बड़ी गिरावट, 60 हजार से घटकर 35 हजार प्रतिदिन; कालाबाजारी पर रोक का दिख रहा असर

डिजिटल अथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था के बाद बदली तस्वीर, पांच दिन में सिलेंडर न लेने पर बुकिंग हो रही रद्द

आयाम स्वरूप, गोरखपुर

गोरखपुर में एलपीजी सिलेंडरों की दैनिक बिक्री में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां प्रतिदिन करीब 60 हजार सिलेंडरों की रीफिलिंग और बिक्री होती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 35 हजार प्रतिदिन रह गई है। इस बदलाव से गैस एजेंसियों के साथ-साथ बाटलिंग प्लांट भी प्रभावित हुए हैं। माना जा रहा है कि डिजिटल अथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था लागू होने के बाद कालाबाजारी पर लगाम लगी है, जिससे बिक्री में यह कमी देखने को मिल रही है।

खाली सिलेंडर की कमी से प्लांट में काम हो रहा प्रभावित

बिक्री घटने का असर बाटलिंग प्लांट के संचालन पर भी पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, खाली सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण कई बार रीफिलिंग का काम बीच-बीच में रोकना पड़ रहा है। इससे उत्पादन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

DAC सिस्टम से कालाबाजारी पर लगी रोक

गैस एजेंसी संचालकों का मानना है कि पहले बड़ी संख्या में सिलेंडर कालाबाजारी में चले जाते थे। लेकिन अब डिजिटल अथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद केवल वास्तविक कनेक्शनधारक ही सिलेंडर प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे फर्जी वितरण और अवैध बिक्री पर काफी हद तक रोक लगी है।

गीडा और मोतिहारी से होती है सिलेंडरों की आपूर्ति

गोरखपुर के गीडा स्थित इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बाटलिंग प्लांटों से रीफिल किए गए सिलेंडर पूर्वांचल के कई जिलों में भेजे जाते हैं। वहीं भारत पेट्रोलियम की गैस एजेंसियों को भी उसके संबंधित प्लांटों से सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते हैं।

इसके अलावा इंडियन ऑयल का बिहार के मोतिहारी स्थित बाटलिंग प्लांट भी देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज तथा गोरखपुर जिले की कुछ गैस एजेंसियों को सिलेंडर की आपूर्ति करता है। मांग में आई इस अप्रत्याशित गिरावट से विभागीय अधिकारी भी हैरान हैं।

पांच दिन में सिलेंडर नहीं लिया तो बुकिंग होगी निरस्त

तेल कंपनियों ने मार्च से लागू की गई सख्ती में अभी तक कोई ढील नहीं दी है। नए नियम के तहत बुकिंग के पांच दिन के भीतर सिलेंडर नहीं लेने पर बुकिंग स्वतः निरस्त कर दी जाती है।

इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिनके पास केवल एक सिलेंडर का कनेक्शन है। समय पर सिलेंडर प्राप्त नहीं करने पर उनकी बुकिंग रद्द हो जाती है, जिससे उन्हें दोबारा बुकिंग करानी पड़ती है और अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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