
2011 का फॉर्मूला दोहराएगी सपा, गोरखपुर में होगा प्रदेश स्तरीय सम्मेलन; अखिलेश यादव भी करेंगे शिरकत
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, बरसात के बाद बड़े आयोजन की योजना; प्रदेश भर के नेता और कार्यकर्ता होंगे शामिल
गोरखपुर में सपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी
विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी इस बार 15 साल पुराने उस फॉर्मूले को दोहराने की तैयारी में है, जिसने 2012 के विधानसभा चुनाव में उसे पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में मदद की थी।
सूत्रों के मुताबिक बरसात के बाद गोरखपुर में सपा का एक बड़ा प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का स्वरूप और अवधि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत प्रदेश के सभी बड़े नेता शामिल होंगे।
2011 की रणनीति फिर अपनाने की तैयारी
सपा ने नवंबर 2011 में गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में प्रदेश कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक आयोजित की थी। इसके कुछ ही महीनों बाद हुए 2012 विधानसभा चुनाव में पार्टी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई थी।
अब एक बार फिर उसी रणनीति के तहत गोरखपुर में बड़े राजनीतिक आयोजन की तैयारी शुरू कर दी गई है। पार्टी का मानना है कि पूर्वांचल से दिया गया राजनीतिक संदेश पूरे प्रदेश में प्रभाव डाल सकता है।
लखनऊ में हुई बैठक, गोरखपुर सम्मेलन पर बनी रणनीति
17 जून को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गोरखपुर के पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी। इस दौरान गोरखपुर के राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद गोरखपुर में बड़े सम्मेलन के आयोजन की जानकारी दी गई और स्थानीय नेताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
जल्द गोरखपुर आएंगे प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल जल्द ही गोरखपुर का दौरा करेंगे। वह स्थानीय नेताओं और जिला कार्यकारिणी के साथ बैठक कर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
बैठक में सम्मेलन की तिथि, स्थान और स्वरूप पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजी जाएगी।
जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर गोरखपुर में एक सफल और ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी के गढ़ में ताकत दिखाने की तैयारी
सपा इस सम्मेलन के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक क्षेत्र गोरखपुर में अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गोरखपुर अब राजनीतिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण हो चुका है क्योंकि भाजपा सरकार और संगठन के दोनों प्रमुख चेहरे इसी क्षेत्र से जुड़े हैं।
सपा का लक्ष्य कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ पूरे प्रदेश में राजनीतिक संदेश देना है। पार्टी का मानना है कि यदि गोरखपुर में बड़ा और सफल सम्मेलन होता है तो इसका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा।
गोरखपुर से सरकार पर साधेंगे निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव सम्मेलन के मंच से प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर हमला बोल सकते हैं। हाल ही में लखनऊ में उन्होंने गोरखपुर का एक राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया था।
पार्टी अब उसी तर्ज पर गोरखपुर में भी रिपोर्ट कार्ड पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार का संदेश दिया जाएगा।
क्या है गोरखपुर की राजनीतिक स्थिति?
गोरखपुर जिले में दो लोकसभा और नौ विधानसभा सीटें हैं। वर्तमान में दोनों लोकसभा सीटों और सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों पर भाजपा का कब्जा है।
हालांकि संतकबीरनगर लोकसभा क्षेत्र की एक विधानसभा सीट गोरखपुर जिले में आती है। संतकबीरनगर से सपा सांसद हैं, जबकि उसके अंतर्गत आने वाली खजनी विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक हैं।
2017 के विधानसभा चुनाव में सपा को जिले की नौ सीटों में से केवल एक सीट पर जीत मिली थी। अब पार्टी 2027 के चुनाव में भाजपा के मजबूत गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है।
मुख्य बिंदु
- बरसात के बाद गोरखपुर में सपा का बड़ा प्रदेश स्तरीय सम्मेलन प्रस्तावित।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता होंगे शामिल।
- 2011 के सफल सम्मेलन मॉडल को दोहराने की तैयारी।
- जल्द गोरखपुर आएंगे प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल।
- मुख्यमंत्री योगी के गढ़ में शक्ति प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने की योजना।
- 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को मजबूत करने पर फोकस।

