
अमेरिका भारत को 16वीं शताब्दी की मूर्तियां लौटाएगा
अमेरिका ने भारत को तीन प्राचीन कांस्य मूर्तियां लौटाईं। मूर्तियां तमिलनाडु के मंदिरों से अवैध रूप से हटाई गई थीं। स्मिथसोनियन संग्रहालय ने चोरी स्वीकार कर वापसी की।
अमेरिका का नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन भारत को 16वीं शताब्दी की 3 कांस्य मूर्तियां लौटाएगा।
म्यूजियम में रखी सभी मूर्तियां ‘शिव नटराज’ (चोल काल, लगभग 990), ‘सोमस्कंद’ (चोल काल, 12वीं शताब्दी) और ‘संत सुंदरर विद परावई’ (विजयनगर काल, 16वीं शताब्दी) की हैं।
सभी मूर्तियां दक्षिण भारतीय कांस्य कला परंपरा पर बनी हुई हैं। ये मूर्तियां पहले तमिलनाडु के मंदिरों में धार्मिक जुलूसों के दौरान निकाली जाती थीं।
म्यूजियम ने बताया कि इनमें से एक चोलकालीन ‘शिव नटराज’ मूर्ति भारत सरकार के साथ हुए समझौते के तहत लॉन्ग-टर्म लोन के तौर पर अमेरिका में ही रहेगी।
अमेरिका ने स्वीकार किया है कि दक्षिण भारत के मंदिरों से चोरी गई तीन प्राचीन कांस्य मूर्तियां अवैध रूप से उसके संग्रहालय तक पहुंची थीं। अब ये मूर्तियां भारत को वापस की जा रही हैं।

