गोरखपुर के UFMC को पीएमओ व नीति आयोग ने सराहा

इस प्रणाली को मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को 65% से अधिक कम करने में सफलता मिली है।

गोरखपुर में स्थापित देश के पहले AI आधारित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (UFMC) को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) व नीति आयोग से सराहना मिल रही है।
नीति आयोग ने अपने मूल्यांकन में पाया कि गोरखपुर मॉडल डेटा-आधारित पूर्वानुमान के जरिए देशभर के शहरी निकायों की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत कर सकता है। इसे प्रतिक्रियात्मक (Reactive) से सक्रिय (Proactive) शहरी प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना गया है। इस UFMC का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई 2025 को किया था। यह एक उन्नत अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई 2025 को इसका उद्घाटन किया था।
यह प्रणाली एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी और फ्लड मॉडलिंग का उपयोग करती है।
इसके माध्यम से 24 घंटे पहले ही वर्षा व जलभराव का 80% से अधिक सटीक पूर्वानुमान प्राप्त हो जाता है।
प्रभाव: नीति आयोग ने इसे ‘डेटा-आधारित सक्रिय शहरी प्रबंधन’ का बेहतरीन मॉडल माना है, जो पूरे देश के शहरी निकायों के लिए अनुकरणीय है।
इस परियोजना को ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट फाउंडेशन (GEEF) द्वारा “ग्लोबल वाटर टेक” अवॉर्ड भी मिला है।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि इस सिस्टम में अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम शामिल हैं, जो बाढ़ प्रबंधन क्षमताओं को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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