
MMMUT में 50 नए शिक्षक पदों को मंजूरी, छात्र-शिक्षक अनुपात की समस्या होगी दूर
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में छात्र-शिक्षक अनुपात सुधारने के लिए 50 नए शिक्षक पदों को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कुल 97 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, जिनमें 47 पुराने रिक्त पद भी शामिल हैं। नए शिक्षकों की नियुक्ति से पढ़ाई, शोध और नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द रोस्टर तैयार कर भर्ती विज्ञापन जारी करेगा, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर:
गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में छात्र-शिक्षक अनुपात की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शासन ने विश्वविद्यालय में 50 नए शिक्षक पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ शोध और नवाचार गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
छह हजार से अधिक छात्रों पर बढ़ रहा था दबाव
विश्वविद्यालय में वर्तमान समय में 6 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। वहीं, पहले से स्वीकृत 177 शिक्षक पदों में कई पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जिसके कारण शैक्षणिक गतिविधियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था।
इसी स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन को अतिरिक्त शिक्षक पदों के सृजन का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 50 नए पदों के सृजन की अनुमति प्रदान कर दी है।
कुल 97 पदों पर होगी भर्ती
शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय में कुल 97 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इनमें पहले से रिक्त 47 पद और नए स्वीकृत 50 पद शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया के लिए रोस्टर तैयार करने में जुटा हुआ है। रोस्टर प्रक्रिया पूरी होते ही विस्तृत विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
समयबद्ध तरीके से भरी जाएंगी रिक्तियां
प्रशासन का लक्ष्य सभी रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरना है, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्रों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नए शिक्षकों की नियुक्ति से नियमित कक्षाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, अनुसंधान कार्यों और नवाचार कार्यक्रमों को भी मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को मिलेगा बल
इस निर्णय का सीधा प्रभाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों की पूर्ति पर भी पड़ेगा। बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात से शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय की स्थिति मजबूत हो सकती है।
कुलपति ने बताया बड़ी उपलब्धि
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने इस निर्णय को संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
उन्होंने कहा कि नए शिक्षक पदों के सृजन से शिक्षण, शोध और नवाचार गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

