DDU में नई नियुक्तियों और प्रमोशन को मंजूरी, कुलपति चयन सर्च कमेटी में प्रो. जी.डी. शर्मा का नाम स्वीकृत

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में नए प्रोफेसरों की नियुक्तियों और प्रोन्नति को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कुलपति चयन के लिए राजभवन की ओर से गठित की जाने वाली सर्च कमेटी के सदस्य के रूप में प्रख्यात वनस्पति विज्ञानी प्रो. जी.डी. शर्मा के नाम को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इन विभागों में हुई नियुक्तियां

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कार्य परिषद ने निम्नलिखित नियुक्तियों को मंजूरी दी है:

  • अंग्रेजी विभाग: प्रोफेसर पद पर अजय चौबे
  • बायोटेक्नोलॉजी विभाग: एसोसिएट प्रोफेसर पद पर डॉ. निर्मल प्रभाकर
  • वनस्पति विज्ञान विभाग:
  1.  एसोसिएट प्रोफेसर पद पर डॉ. शम्भू कुमार
  2. असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर आनंद कुमार

इसके अलावा होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी विभाग में आशीष रंजन की असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉन्ट्रैक्चुअल) पद पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।

 

इन शिक्षकों को मिला प्रमोशन

कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत कार्य परिषद ने दो शिक्षकों के प्रोमोशन को भी स्वीकृति दी।

  • डॉ. रामवंत गुप्ता (वनस्पति विज्ञान विभाग)
  • डॉ. आमोद रॉय (अंग्रेजी विभाग)

दोनों को एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया है।

कुलपति चयन सर्च कमेटी में प्रो. जी.डी. शर्मा

कार्य परिषद ने कुलपति चयन के लिए राजभवन द्वारा गठित की जाने वाली सर्च कमेटी के सदस्य के रूप में प्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जी.डी. शर्मा के नाम को मंजूरी दी है।

कौन हैं प्रो. जी.डी. शर्मा?

प्रो. जी.डी. शर्मा देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और अनुभवी अकादमिक प्रशासक हैं। लगभग 45 वर्षों के अपने शैक्षणिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।

उन्होंने:

  • असम विश्वविद्यालय
  • नागालैंड विश्वविद्यालय
  • विलासपुर विश्वविद्यालय

जैसे संस्थानों में कुलपति, प्रति-कुलपति, अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर कार्य किया है।

वर्तमान में वे यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मेघालय के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं।

उच्च शिक्षा और शोध में अहम योगदान

प्रो. शर्मा ने उत्तर-पूर्वी राज्यों में उच्च शिक्षा के विकास, शोध को बढ़ावा देने और जनजातीय समाज के मानव संसाधन विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्हें बोटैनिकल सोसायटी का बिरबल साहनी पुरस्कार सहित यूनेस्को से संबद्ध संस्थाओं द्वारा कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

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