
सीएम योगी ने भरा डिजिटल स्वगणना प्रपत्र, बोले- सभी नागरिक करें सहभागिता; 21 मई तक चलेगी प्रक्रिया
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल जनगणना के तहत ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म भरा और लोगों से 21 मई तक इसमें भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है, जिससे विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े मिलेंगे। CM ने बताया कि रियल टाइम डेटा और डिजिटल तकनीक से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान Gorakhnath Temple परिसर स्थित अपने आवास पर प्रदेश में चल रही डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण ‘स्वगणना’ (सेल्फ एनुमेरेशन) के तहत ऑनलाइन प्रपत्र भरा। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से 21 मई तक चलने वाली इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
स्वगणना पोर्टल पर दर्ज की अपनी जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपनी सभी जानकारियां दर्ज कीं और ऑनलाइन फॉर्म के सभी कॉलम पूरे किए। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है, जिसका उद्देश्य “हमारी जनगणना-हमारा विकास” की भावना के साथ सटीक आंकड़े जुटाकर विकास और कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर रूपरेखा तैयार करना है।
7 मई को हुआ था पहले चरण का शुभारंभ
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 मई को लखनऊ से डिजिटल जनगणना के पहले चरण ‘स्वगणना’ का शुभारंभ किया था। इसके तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर रहे हैं।
बोले- जनगणना विकास की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का एक मजबूत आधार भी है। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की धारा में समाज का अंतिम व्यक्ति भी समान रूप से सहभागी बन सके।
डिजिटल तकनीक से प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
सीएम योगी ने कहा कि रियल टाइम डेटा के लिए डिजिटल तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाया गया है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटल स्वगणना प्रक्रिया में अपनी सहभागिता अवश्य सुनिश्चित करें।

