
सैनिक विहार कॉलोनी में 30 घंटे से अधिक बिजली गुल, गर्मी और पानी संकट से बेहाल हुए लोग
आंधी में गिरे पेड़ से क्षतिग्रस्त हुए सात बिजली खंभे, करीब 200 घरों की आपूर्ति रही ठप
आयाम स्वरूप, गोरखपुर
गोरखपुर के नंदानगर स्थित सैनिक विहार कॉलोनी में सोमवार दोपहर आई आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पेड़ गिरने से सात बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके चलते क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मरम्मत कार्य में देरी के कारण करीब 30 घंटे से अधिक समय तक लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा।
हालांकि बिजली विभाग ने रात में कुछ मरम्मत कार्य किया, लेकिन मंगलवार शाम तक भी आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। देर शाम बिजली आने के बाद भी लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ा।
इनवर्टर बंद, मोबाइल डिस्चार्ज और पानी का संकट
लंबे समय तक बिजली न रहने से घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो गए। बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण पानी की मोटरें नहीं चल सकीं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली बहाली में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
सैनिक विहार के 200 परिवारों को उठानी पड़ी परेशानी
नंदानगर के सैनिक विहार क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे आई तेज आंधी और बारिश के दौरान एक पेड़ बिजली लाइन पर गिर गया था। इससे सात बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और पूरे इलाके की आपूर्ति बाधित हो गई।
करीब 200 घरों में बिजली न रहने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। मंगलवार रात करीब आठ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन लो-वोल्टेज की समस्या के कारण राहत अधूरी रही।
अन्य इलाकों में भी बनी रही बिजली संकट की स्थिति
सैनिक विहार के अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। आदित्यपुरी इलाके में बिजली खंभे में तकनीकी खराबी आने से कुछ घंटों तक आपूर्ति बाधित रही।
एसडीओ शाहपुर वीके जायसवाल ने बताया कि खंभे लगाने का कार्य चल रहा था, जिसके कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
वहीं खोराबार क्षेत्र में भी घोषित शटडाउन अवधि से अधिक समय तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। खोराबार के जूनियर इंजीनियर (जेई) ने बताया कि मरम्मत कार्य के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रही।
इसके अलावा शहर के कई अन्य क्षेत्रों में दिनभर बिजली के बार-बार आने-जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
युद्धस्तर पर चल रहा मरम्मत कार्य: विभाग
मोहद्दीपुर के अधिशासी अभियंता सतीश जायसवाल ने बताया कि आंधी के दौरान कई खंभे और बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। नंदानगर क्षेत्र में टूटे खंभों को बदलने और लाइन दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर कराया गया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से कुछ अन्य क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे सामान्य कर दिया गया है।
लोगों ने जताई नाराजगी
“गर्मी में हाल-बेहाल हो गया है”
सैनिक विहार कॉलोनी सेक्टर-बी निवासी शिवानंद त्रिपाठी ने कहा कि सोमवार दोपहर से खंभे टूटे हुए हैं। बिजली विभाग को कम समय में समस्या दूर कर देनी चाहिए थी, लेकिन मंगलवार तक भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण लोगों का बुरा हाल है। पानी की समस्या पैदा हो गई है, इनवर्टर भी बंद हो गए हैं। रात में बिजली आई तो लो-वोल्टेज के चलते पंखे मुश्किल से चल रहे थे।
“पेड़ के नीचे समय बिताने को मजबूर हैं लोग”
पूर्व सैनिक और सैनिक विहार कॉलोनी सेक्टर-बी निवासी अशोक शाही ने कहा कि खंभों की मरम्मत में काफी देरी हो रही है। मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो चुके हैं और घरों के अंदर गर्मी असहनीय हो गई है।
उन्होंने बताया कि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ों के नीचे समय बिताने को मजबूर हैं। बिजली संकट के कारण पूरी दिनचर्या प्रभावित हो गई है और रात में भी लोगों को ठीक से नींद नहीं मिल पाई।

