
भाई ने भाई के लिए छोड़ा IIT Bombay से पढ़ने का सपना
ओडिशा के जुड़वा भाई फिर से चर्चा में हैं। एक भाई ने दूसरे भाई के लिए अपनी ड्रीम IIT सीट छोड़ने का फैसला किया है। जेईई मेन के बाद जिस भाई ने कहा था कि उसका सपना आईआईटी बॉम्बे में पढ़ना है, उसने भाई के लिए सीट छोड़ने का फैसला लेने में देर नहीं लगाई।
इंजीनियरिंग में करियर बनाने वाले अधिकतर युवाओं को सपना होता है कि उन्हें IIT बॉम्बे में पढ़ने का मौका मिले। आईआईटी बॉम्बे की सीट पाना छात्रों के लिए किसी ‘गोल्डन मेडल’ से कम नहीं माना जाता है। क्योंकि इसे पाना काफी मुश्किल माना जाता है। लेकिन ओडिशा के जुड़वा भाइयों का प्यार एक सीट से कहीं ज्यादा बढ़कर है। भोपाला के महरूफ ने अपने जुड़वा भाई मसरूर के लिए हंसते-हंसते सीट छोड़ दी। जेईई एडवांस्ड रिजल्ट के बाद एक बार फिर जुड़वा भाइयों की कहानी काफी चर्चा में है।
फरवरी में जेईई मेन रिजल्ट 2026 जारी होने के बाद, ओडिशा के भुवनेश्वर में रहने वाले जुड़वा भाई महरूफ और मसरूर अहमद खान काफी छाए रहे थे। क्योंकि दोनों भाइयों ने एक साथ जेईई की तैयारी थी, एक टेबल पर पढ़ते और जेईई मेन में 300 में से 285 नंबर मिले थे। दोनों ने 99.9984543 का शानदार और एक जैसा परसेंटाइल स्कोर प्राप्त किया था, जो किसी नेशनल लेवल के एग्जाम में बहुत कम होता है।
तब जुड़वा भाइयों ने कहना था कि उनके साथ यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई परीक्षाओं में एक जैसे नंबर आ चुके हैं। हालांकि 10वीं क्लास में महरूफ ने भाई मसरूर को 1% से मात दे देती थी। मसरूर के 10वीं क्लास में 97% और महरूफ के 96% नंबर आए थे।
आईआईटी बॉम्बे की सीट छोड़कर महरूफ ने आईआईटी मद्रास जाने का फैसला किया है। उन्होंने आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करने का फैसला किया है, ताकि दोनों भाई हमेशा साथ रहे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी एक साथ कर सकें। इस फैसले से परिवार बेहद ही खुश है। बता दें, उनके माता-पिता दोनों ही डॉक्टर है। उनकी मां जीनत ने बताया कि दोनों भाइयों ने कक्षा 9वीं में कोटा में अंतरिक्ष परीक्षा पास की थी और दोनों कुछ दिन वहां रुके भी थे।

