दतिया में 200 साल पुरानी अनोखी परंपरा, हिंदू पुजारी करते हैं ताजियों का स्वागत

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर कस्बे में इस साल भी मोहर्रम पर गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल दिखी। यहां सदियों पुरानी परंपरा निभाते हुए 37 ताजियों ने कृष्ण मंदिर के सामने रुककर भगवान को सलामी दी, जिसका पुजारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के ऐतिहासिक कस्बे भांडेर में शुक्रवार रात सांप्रदायिक सौहार्द की एक ऐसी खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जो देश के ताने-बाने को मजबूती देती है। मोहर्रम के मौके पर निकाले जा रहे ताजियों के जुलूस ने रात करीब 9:15 बजे प्रसिद्ध चतुर्भुज नारायण मंदिर के सामने रुककर पारंपरिक सलामी दी। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने न केवल जुलूस का स्वागत किया बल्कि ताजियों पर फूलमालाएं चढ़ाकर भाईचारे की इस रीत को आगे बढ़ाया।

यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला एक ऐसा सिलसिला है जो पिछले दो सौ से अधिक वर्षों से बिना रुके चला आ रहा है। भांडेर करबला कमेटी के अध्यक्ष जब्बार खान ने बताया कि इस वर्ष कुल 37 ताजिये जुलूस में शामिल हुए, जिनमें 5 बेहद भव्य और बड़े थे। करबला की ओर बढ़ने से पहले सभी ताजिये सबसे पहले चतुर्भुज मंदिर पहुंचे। कस्बे का माहौल हमेशा से इतना शांतिपूर्ण और अपनत्व से भरा रहा है कि यहां मोहर्रम जैसे बड़े आयोजनों पर भी कभी अतिरिक्त सुरक्षा बलों या भारी पुलिस तैनाती की जरूरत महसूस नहीं हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button