
सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े रणनीतिक मिशन पर खूबसूरत द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंच चुके हैं, जहां उनका बेहद भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया है. सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित 'गोल्डन जुबली' समारोह में पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में कहा कि भारत हमेशा सेशेल्स का एक भरोसेमंद और सच्चा मित्र रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों द्वीप देश सेशेल्स के राजकीय दौरे पर हैं।
इस यात्रा की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि जहां पीएम मोदी आसमान के रास्ते सेशेल्स पहुंचे, वहीं समंदर के रास्ते भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत और सेना की एक जांबाज टुकड़ी भी वहां लैंड कर चुकी है
शनिवार दोपहर आयोजित एक खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सेशेल्स सरकार को उपहार के रूप में तेज गश्ती पोत ‘लेस्पवार’ (क्रियोल भाषा में जिसका अर्थ ‘उम्मीद’ है) राष्ट्रपति हर्मिनी को सौंपा। इसके अलावा, 10 उपयोगी वाहन, पांच लेजर रेडियल नौकाएं और छह एंबुलेंस भी सेशेल्स को सौंपी गईं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन उपहारों से सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भारत और सेशेल्स के बीच वर्ष 1976 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए। उसके बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत और लाभदायक रहे हैं।
भारत ने बुनियादी ढांचे, रक्षा, स्वास्थ्य और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सेशेल्स के विकास में लगातार सहयोग दिया है।

