चिलुआताल में सुरक्षित बोटिंग की तैयारी तेज, गहराई मापेगा रिमोट सेंसिंग सेंटर; पर्यटन सुविधाओं का भी होगा विस्तार

GDA ने मांगी तकनीकी रिपोर्ट, बारिश के बाद शुरू हो सकती है बोटिंग; पार्किंग, जेटी, रोशनी और दुकानों की भी होगी बेहतर व्यवस्था

आयाम स्वरूप, गोरखपुर।

गोरखपुर के चिलुआताल में बोटिंग संचालन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से तालाब की गहराई, जल क्षेत्र की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर बोटिंग के लिए सुरक्षित रूट, जेटी (नाव चढ़ने-उतरने का स्थान) और संचालन की पूरी व्यवस्था तय की जाएगी।

रिपोर्ट के आधार पर बनेगी कार्ययोजना

जीडीए के अनुसार, तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद चिलुआताल में बोटिंग के लिए सुरक्षित मार्ग निर्धारित किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ताल फ्रंट पर पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

जल्द शुरू होंगी ताल फ्रंट की दुकानें

चिलुआताल फ्रंट परिसर में निर्मित दुकानों को भी जल्द संचालित किया जाएगा। इन दुकानों पर खानपान सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

अधिकारियों के अनुसार, इन दुकानों से होने वाली आय का उपयोग ताल फ्रंट के रखरखाव, संचालन और सुविधाओं के विस्तार पर किया जाएगा।

बारिश के बाद शुरू होगी बोटिंग

जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि चिलुआताल ताल फ्रंट के हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद बारिश का मौसम समाप्त होने पर सुरक्षित तरीके से बोटिंग शुरू कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से चिलुआताल की गहराई और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट मंगाई गई है, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर बोटिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button