
ईरान में लाल झंडे के साथ शुरू हुई खामेनेई की अंतिम यात्रा
इस जुलूस के दौरान लोगों ने काले कपड़े पहनकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए छह दिवसीय सार्वजनिक श्रद्धांजलि और अंतिम यात्रा का कार्यक्रम शुरू हो गया है। राजधानी तेहरान में भारी भीड़ उमड़ी है, जहाँ लोगों के हाथों में लाल झंडे और बैनर देखे गए।
खामेनेई के ताबूत को पवित्र शहर मशहद के इमाम रजा दरगाह के उस पवित्र लाल झंडे से ढका गया है, जो शिया इस्लाम में कर्बला के बलिदान और ‘बदले’ (revenge) का प्रतीक माना जाता है। इस जुलूस के दौरान लोगों ने काले कपड़े पहनकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के साथ ईरान की सरकार और सेना के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हुए।
खामेनेई का पार्थिव शरीर ग्रैंड मोसल्ला से अंतिम यात्रा के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा करीब 10 किलोमीटर लंबे रूट से होकर गुजरेगी और इसके 10 से 12 घंटे तक चलने का अनुमान है।
अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को आगे की धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया जाएगा। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारी, धार्मिक नेता और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी यात्रा में शामिल हैं।

