
ईरान ने ऊर्जा का निर्यात रोकने की दी चेतावनी
अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने और सैन्य हमलों के बाद, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पश्चिम एशिया से होने वाले समूचे तेल और गैस निर्यात को रोकने की धमकी दी है
अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया।
जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया। दूसरी तरफ जॉर्डन ने 8 ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी।
इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात भी रोका जा सकता है।
ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के माध्यम से आपूर्ति रोकने की बात कर रहा है, जो दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का एक-पांचवां हिस्सा (लगभग 20%) संभालने वाला सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है

