ईरान बन्द कर सकता है लाल सागर

अमेरिका और ईरान के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. ईरान ने कहा है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका असर केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं रहेगा.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिका ने ईरान के कोस्टल डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं. इसके पलटवार में ईरान ने क्षेत्र से होने वाले एनर्जी एक्सपोर्ट को पूरी तरह ठप करने की धमकी दी है. ईरान का साफ कहना है कि वह अमेरिका के खिलाफ अपने ‘अस्तित्व की लड़ाई’ लड़ रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका कंट्रोल है.

ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यह जंग अब सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लाल सागर (Red Sea) तक फैल सकती है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो यमन में ईरान के सहयोगी हूती दुनिया के एक और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट को निशाना बना सकते हैं.

ईरान की इस नई चेतावनी के बाद डर पैदा हो गया है कि दुनिया के दो सबसे अहम समुद्री चोकपॉइंट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर एक साथ बाधित हो सकते हैं, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और व्यापार पर खतरा मंडरा सकता है. लाल सागर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति का बहुत अहम हिस्सा है. यदि यह मार्ग बंद हो गया, तो दुनिया के करीब 7% कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है.

जानकारों का कहना है कि अगर हूती लाल सागर में जहाजों पर हमले तेज करते हैं, तो ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है. दोनों समुद्री रूटों पर लंबे समय तक रुकावट आने से ग्लोबल तेल निर्यात, शिपिंग लागत और एनर्जी की कीमतों पर काफी असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है.

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