
कॉकरोच जनता पार्टी ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा
प्रदर्शनकारियों और आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अनिवार्य है और इस पर कोई बात नहीं होगी.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार से तीसरे दौर की बातचीत से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताया है.
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “अगर सरकार की तरफ़ से ‘ना’ है, तो आगे बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है.”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो प्रदर्शन को और तेज़ किया जाएगा. इसके साथ ही देशभर में आंदोलन के लिए जल्द ही नए आह्वान की ज़रूरत पड़ सकती है.
सीजेपी और सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है. इससे पहले हुई दो दौर की वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है.
जानकारी के अनुसार, शीर्ष सरकारी सूत्रों ने साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि पद छोड़ना समाधान नहीं है. सरकार का मानना है कि इस्तीफा देकर जिम्मेदारी से भागना आसान है, और उनका असल फोकस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तथा परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार करना है.

