डीडीयू को यूनिरैंक 2026 में बड़ी सफलता, प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में मिला सातवां स्थान

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने यूनिरैंक 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में 7वीं और देशभर में 183वीं रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शिक्षा, शोध, नवाचार और गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों, छात्रों, शोधार्थियों और कर्मचारियों को देते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया।

आयाम स्वरूप, गोरखपुर

देशभर में 183वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया गौरव

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) ने वैश्विक उच्च शिक्षा मूल्यांकन मंच यूनिरैंक 2026 यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सातवां स्थान और देशभर में 183वीं रैंक प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मजबूत हुई पहचान

यूनिरैंक 2026 की रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन के साथ डीडीयू ने प्रदेश के प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक अग्रणी उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

गुणवत्ता और नवाचार पर लगातार फोकस

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्ता संवर्धन, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल रूपांतरण, कौशल विकास और छात्र-केंद्रित पहलों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की बढ़ती पहचान इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है।

शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों को दिया श्रेय

कुलपति ने इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों तथा प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण लगातार मजबूत हुआ है।

वैश्विक स्तर पर पहचान मजबूत करने की दिशा में अहम कदम

प्रो. पूनम टंडन ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगा और वैश्विक स्तर पर एक प्रतिष्ठित शिक्षण एवं शोध संस्थान के रूप में अपनी पहचान को और सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि यूनिरैंक 2026 में प्राप्त यह सफलता अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क्स में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो विश्वविद्यालय की प्रगति और संभावनाओं को रेखांकित करती है।

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