
अश्वगंधा को लेकर FSSAI का अहम निर्देश, पत्तियों के इस्तेमाल पर पाबंदी
FSSAI और आयुष मंत्रालय ने खाद्य उत्पादों और सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह फैसला पत्तियों में मौजूद हानिकारक यौगिकों के कारण लिया गया है।
- ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) ने अश्वगंधा के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन जारी की है। अब किसी भी फूड प्रोडक्ट, सप्लीमेंट या दवा में अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग बैन कर दिया गया है। वहीं, इस पौधे की जड़ के इस्तेमाल की इजाजत अभी भी है, जिसका आयुर्वेदिक चिकित्सा में बहुत पुराना इतिहास रहा है।
आयुर्वेद में अश्वगंधा सदियों से औषधि के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। इसे स्ट्रेस-एंग्जाइटी कम करने, फिजिकल स्ट्रेंथ बढ़ाने और अच्छी नींद के लिए यूज किया जाता है। हालांकि, इसे हमेशा सही मात्रा में और सही तरीके से लेना चाहिए।
फूड प्रोडक्ट, सप्लीमेंट या दवाइयों में अश्वगंधा की पत्तियों या उनके एक्सट्रैक्ट (मुख्य तत्व) के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ अश्वगंधा की जड़ और उसका एक्सट्रैक्ट ही हेल्थ सप्लीमेंट्स और प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जा सकता है।
FSSAI के मुताबिक, 2016 के रेगुलेशन्स में केवल अश्वगंधा की जड़ को ही इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अश्वगंधा की पत्तियों के प्रभाव और सेफ्टी को लेकर पर्याप्त साइंटिफिक सबूत नहीं हैं। इसलिए यह फैसला लिया गया है। किसी भी रूप (कच्चे रूप या अर्क) में अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग करना पूरी तरह से वर्जित है।
FSSAI ने निर्माताओं को चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कंपनी अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल करती है, तो खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

