
ईरान- अमेरिका शांति समझौते के काफी करीब, डील साइन करने पाकिस्तान जा सकते है ट्रम्प
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान शांति समझौते के "बहुत करीब" हैं और वह समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए पाकिस्तान जाने पर विचार करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। अमेरिका का मानना है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है।
ट्रम्प ने कहा कि अगर यह डील हो जाती है तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी, होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है तो मैं पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकता हूं।
हालांकि ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के दावे को गलत बताया है और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं।
यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानी शुद्ध किया गया है।
प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए स्टेप बाय स्टेप शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास कुल मिलाकर करीब 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। हालांकि, यह इतना एनरिच्ड नहीं है कि इससे परमाणु हथियार बन सकें।
अभी 120 से 130 किलोग्राम के आसपास 60% तक एनरिच्ड किया जा चुका है। अगर यह एनरिच्डमेंट 90% तक कर लिया गया तो इससे परमाणु हथियार बनाया जा सकते हैं।
इसलिए अमेरिका और इजराइल, ईरान पर परमाणु कार्यक्रम सीमित करने और एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने का दबाव बनाते रहे हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पिछले सप्ताहांत ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए इस्लामाबाद गया था, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। व्हाइट हाउस का कहना है कि वह दूसरे दौर की बातचीत के बारे में चर्चा कर रहा है, जो संभवतः फिर से पाकिस्तान में ही होगी।

