55 दिन बाद फिर सलाखों के पीछे भेजे गए आजम खां

दो पैन कार्ड मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की कैद व 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश के बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम को जेल भेज दिया गया है।

55 दिन खुली हवा में सांस लेने के बाद सपा नेता आजम खां को रामपुर जेल भेज दिया गया। पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम इसी साल 25 फरवरी को हरदोई जेल तो आजम खां 23 सितंबर को सीतापुर जेल से छूटे थे लेकिन दो पैनकार्ड मामले में अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को फिर जेल भेज दिया गया।
सपा नेता आजम खां रामपुर विधानसभा सीट से दस बार विधायक रहे चुके हैं। वह प्रदेश में चार बार कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। इसके अलावा को 2019 में रामपुर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव जीते थे और एक बार वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं। उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा भी विधायक और राज्यसभा सदस्य रही हैं।
शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से 16 दिसंबर 2019 को सिविल लाइंस कोतवाली में अब्दुल्ला आजम और उनके पिता आजम खां के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। उनका कहना था कि आयकर विभाग की ओर से अब्दुल्ला को जारी पैन कार्ड संख्या -डीएफओपीके 6164 के है, जिसमें अब्दुल्ला की जन्म तिथि एक जनवरी 1993 है। यह शैक्षिक प्रमाणपत्र हाईस्कूल के आधार पर सही है। इसी पैनकार्ड के सहारे अब्दुल्ला आजम खां का भारतीय स्टेट बैंक के खाता चल रहा है।
दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि अब्दुल्ला आजम खां ने सभी आयकर रिटर्न नामांकन से पूर्व इसी पैन कार्ड एकाउंट द्वारा भरे। उनका कहना था कि अब्दुल्ला आजम ने स्वार विधानसभा से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए 24 जनवरी 17 को जिला निर्वाचन अधिकारी रामपुर के समक्ष नामांकन पत्र प्रस्तुत किया था।
उक्त नामांकन पत्र में अब्दुल्ला आजम खां ने अपने बैंक खाते की पास बुक में कूटरचना कर अपनी कलम से पैन कार्ड नंबर बदलकर नामांकन दाखिल किया। जबकि नामांकन की तिथि व समय पर वह पैनकार्ड एक्टीवेट नहीं था। अब्दुल्ला ने अपने पिता आजम खां के साथ सुनियोजित षड्यंत्र रचकर चुनाव में नामांकन में आयु संबंधी अयोग्यता छिपाने के लिए फर्जी पैन कार्ड बनवाया और अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया गया।
दोषी ठहराए जाने के बाद आजम और अब्दुल्ला आजम को कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जेल ले जाया गया। जेलर सुनील सिंह ने बताया कि आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला को बैरक नंबर एक में रखा गया है। कहा कि लंबी सजा पाए कैदी को यहीं रखा जाता है। ये बैरक सीसीटीवी से लैस है।

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