सीएम ने किया फोरेंसिक लैब का उद्घाटन, गोरखपुर को मिला बड़ा बूस्ट

गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 73 करोड़ की लागत से बनी छह मंजिला हाई-टेक फोरेंसिक लैब का उद्घाटन किया। पहले बी-ग्रेड रही यह लैब अब ए-ग्रेड में अपग्रेड हो गई है, जिससे पूर्वांचल और नेपाल बॉर्डर से जुड़े मामलों की जांच में बड़ा बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में एक अत्याधुनिक और हाई-टेक फोरेंसिक लैब का उद्घाटन किया। यह लैब जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के ठीक सामने बनाई गई है। छह मंजिला इस प्रयोगशाला का निर्माण लगभग 73 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। पहले यह लैब बी-ग्रेड श्रेणी में थी, लेकिन अब इसे ए-ग्रेड में अपग्रेड कर दिया गया है। इस अपग्रेडेशन से न केवल पूर्वांचल बल्कि नेपाल बॉर्डर से जुड़े मामलों की जांच में भी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
इस नई फोरेंसिक लैब में कई अत्याधुनिक तकनीकें और सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, जिनसे अपराध जांच की प्रक्रिया और तेज तथा सटीक हो जाएगी।
मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल डिवाइस से डेटा रिकवर करने की आधुनिकतम सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
साइबर क्राइम की जांच के लिए अलग डिविजन बनाया गया है। वॉइस एनालिसिस (आवाज की वैज्ञानिक पहचान) के लिए नई यूनिट स्थापित की गई है। गोली, कारतूस और हथियारों की बैलिस्टिक जांच की सुविधा जोड़ी गई है।
विस्फोटकों का पूरा केमिकल एनालिसिस अब गोरखपुर में ही संभव होगा। वीडियो ऑथेंटिकेशन, एडिटिंग डिटेक्शन और स्पीकर आइडेंटिफिकेशन जैसी तकनीकें भी अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
इस लैब के शुरू होने से अपराध जांच में बड़ा बदलाव आएगा। पहले अधिकांश सैंपल लखनऊ भेजे जाते थे, जिससे जांच रिपोर्ट आने में हफ्तों या महीनों का समय लग जाता था। अब 90% से अधिक जांच गोरखपुर में ही पूरी हो सकेगी।

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