
‘वंदे मातरम’ गीत देश की प्रकृति की वंदना करता है
वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में 10 घंटों तक बहस हुई थी। इकरा हसन ने इस तरह समझाया वंदे मातरम का मतलब, वायरल हुआ बयान
उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इक़रा हसन ने वंदे मातरम को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम मुसलमान भारतीय हैं, चांस से नहीं बल्कि चॉइस से। वंदे मातरम को थोपना या सांप्रदायिक रंग देना गीत के मूल भाव के ख़िलाफ़ है।”
“अटल बिहारी वाजयेपी ने राजधर्म का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया था कि वंदे मातरम किसी पर थोपा न जाए, बल्कि लोग इसे सम्मानपूर्वक गाएं।”
इकरा ने वंदे मातरम् का अर्थ समझाते हुए सरकार पर हमला बोला और कहा कि आज हमें गीत के भाव का समझना जरूरी है। ये गीत देश की प्रकृति की वंदना करता है। उन्होंने कहा कि हम भारतीय मुसलमान इंडियन बाय च्वाइस हैं, बाय चांस नहीं। वंदे मातरम के किन छंदों का अपनाया जाए ये फैसला नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गुरू रविंद्रनाथ टैगोर के परामर्श से हुआ था क्या अब हम उन महान नायकों की समझ पर सवाल उठाएंगे?
सपा सांसद ने कहा कि उन महान हस्तियों में मातरम के उन छंदों को अपनाया जिन्होंने देश के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। आज हमें इस गीत के भाव को समझना आवश्यक है। ये गीत देश के जल, जंगल जमीन, हरियाली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है, ये भारत के जन-जन की मंगल कामना करता है। भारत का हर नागरिक स्वस्थ रहे, सुरक्षित रहे और सम्मान के साथ जी सके।

