
गोरखपुर में बनेगा देश का पहला रिवर सेल
रिवर सेल का उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिससे बाढ़ के दुष्प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके। रिवर सेल पर आने वाला खर्च 90 प्रतिशत एनएमसीजी और 10 प्रतिशत नगर निगम देगा। रिवर सेल अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल के साथ मिलकर काम करेगा।
गोरखपुर को देश के पहले ‘रिवर सेल’ की सौगात मिलने जा रही है। इसके लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। यह पहल न केवल गोरखपुर के समग्र विकास को नई दिशा देगी, बल्कि नदियों के संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
Amar Ujala
एप डाउनलोड करें
होम
उत्तर प्रदेश
गोरखपुर
लखनऊ
वाराणसी
मेरठ
कानपुर
आगरा
नोएडा
प्रयागराज
अलीगढ़
झांसी
बरेली
गाजियाबाद
मुरादाबाद
मथुरा
अमरोहा
अमेठी
अम्बेडकरनगर
आजमगढ़
इटावा
उन्नाव
एटा
औरैया
कन्नौज
कुशीनगर
कौशाम्बी
ग़ाज़ीपुर
बस्ती
गोंडा
बहराइच
लखीमपुर खीरी
घाटमपुर
जालौन
चंदौली
चित्रकूट
पीलीभीत
देवरिया
फतेहपुर
फर्रुखाबाद
फ़िरोज़ाबाद
अयोध्या
बदायूं
बलरामपुर
बलिया
बांदा
बागपत
बाराबंकी
बिजनौर
बुलंदशहर
भदोही
मउ
महराजगंज
महोबा
मिर्ज़ापुर
मुज़्ज़फरनगर
मैनपुरी
रायबरेली
रामपुर
ललितपुर
शामली
शाहजहांपुर
श्रावस्ती
संत कबीरनगर
संभल
सहारनपुर
सिद्धार्थनगर
सीतापुर
सुल्तानपुर
सोनभद्र
हमीरपुर
हरदोई
हाथरस
हापुड़
जौनपुर
प्रतापगढ़
Bangladesh
Donald Trump
ठंड से कांपे यात्री
AUS vs ENG Live
Rajasthan Board Exam
Train Accident
Bihar News
एपस्टीन फाइल्स में खुलासा
दिल्ली में ठंड-प्रदूषण का डबल अटैक
Bangladesh Unrest
UP: गोरखपुर में बनेगा देश का पहला रिवर सेल, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से मिली सैद्धांतिक सहमति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: विकास कुमार Updated Fri, 19 Dec 2025 10:45 PM IST
सार
रिवर सेल का उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिससे बाढ़ के दुष्प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके। रिवर सेल पर आने वाला खर्च 90 प्रतिशत एनएमसीजी और 10 प्रतिशत नगर निगम देगा। रिवर सेल अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल के साथ मिलकर काम करेगा।
गोरखपुर फटाफट: पढ़ें सभी खबरें 60s में
विज्ञापन
Country first river cell to be built in Gorakhpur
गंगा घाट – फोटो : अमर उजाला
Follow Us
विज्ञापन
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
गोरखपुर को देश के पहले ‘रिवर सेल’ की सौगात मिलने जा रही है। इसके लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। यह पहल न केवल गोरखपुर के समग्र विकास को नई दिशा देगी, बल्कि नदियों के संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
रिवर सेल के गठन के बाद एनएमसीजी के विशेषज्ञ गोरखपुर आएंगे, जो शहर के विकास में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। ये विशेषज्ञ नदियों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपाय सुझाएंगे। गोरखपुर में हर साल बरसात के दौरान जलभराव से जनजीवन प्रभावित होता था।
रिवर सेल का उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिससे बाढ़ के दुष्प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके। रिवर सेल पर आने वाला खर्च 90 प्रतिशत एनएमसीजी और 10 प्रतिशत नगर निगम देगा। रिवर सेल अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल के साथ मिलकर काम करेगा। इसका काम जल स्रोतों को जीवित करना भी है। इसमें दो एक्सपर्ट केंद्र से आएंगे, जिनके साथ नगर निगम की टीम मिलकर काम करेगी।
सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि इससे पहले रिवर सिटी एलायंस के माध्यम से शहर में नदी आधारित विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस मॉडल के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्यों से नदी के प्राकृतिक प्रवाह को नुकसान न पहुंचे। इसे ध्यान में रखते हुए घाटों के निर्माण में कंक्रीट और ईंट का न्यूनतम उपयोग किया जाएगा और प्राकृतिक सामग्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
रिवर सेल के अंतर्गत निर्माण कार्यों में विशेष डिजाइन अपनाई जाएगी, जिससे जल स्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। नदी के किनारे ऐसे ढांचे विकसित किए जाएंगे, जो पर्यावरण के अनुकूल हों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करें। इसी योजना के तहत एकला बांध पर रिवर फ्रंट का विकास किया जा रहा है, वहीं महेसरा क्षेत्र में इकोलॉजिकल पार्क का निर्माण भी प्रस्तावित है। ये परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी। गोरखपुर नगर निगम देश का पहला है जहां यह सेल काम करेगा।

