
सिखों के 10वें गुरु थे गोबिंद सिंह जी की जयंती
गुरु गोबिंद सिंह को सिखों के 10वें गुरु के रूप में जाना जाता है। उन्होंने धर्म को सशक्त बनाने का काम किया था।
गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज जयंती के पावन अवसर पर प्रकाश पर्व मनाया जाता है। यह दिन महान योद्धा, कवि, दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरु के सम्मान और स्मरण में मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर के सिख एक दूसरे को बधाई देते हैं और गुरुजी के मार्ग और शिक्षाओं का पालन करने का संकल्प लेते हैं। वह सिखों के 10वें गुरु थे। वह न केवल एक आध्यात्मिक नेता बल्कि एक निडर योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे। उन्होंने अपने चारों पुत्र धर्म की रक्षा के लिए कुर्बान किए थे लेकिन हजारों लोगों में साहस, ज्ञान और भक्ति की भावना जगाकर नई जान दी। गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। उन्होंने अदम्य साहस और असाधारण समझदारी से लोगों को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया..”
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र प्रकाश उत्सव पर, हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उनका जीवन और शिक्षाएं हमें सच्चाई, न्याय, धर्म के लिए खड़े होने और मानवीय गरिमा की रक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, “..सिख धर्म के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक, धन धन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ। उन्होंने सम्पूर्ण मानवता को शांति, प्रेम, एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया।”
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती के शुभ अवसर पर, उनकी वीरता और बलिदान की शिक्षाएं हम सभी को प्रेरित करती रहें।”

