
Apple कंपनी के COO सबीह खान का UP से है खास कनेक्शन, सैलरी को लेकर सुर्खियों में
मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान आज दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हैं। साधारण बचपन से निकलकर ग्लोबल कॉरपोरेट की टॉप पोजिशन तक पहुंचने और दुनियाभर में अपना नाम बनाने वाले सबीह खान की सालाना सैलरी ₹234 करोड़ है।
मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान आज दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हैं। साधारण बचपन से निकलकर ग्लोबल कॉरपोरेट की टॉप पोजिशन तक पहुंचने और दुनियाभर में अपना नाम बनाने वाले सबीह खान की सालाना सैलरी ₹234 करोड़ है।
सबीह खान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है।
सबीह खान का जन्म साल 1966 में मुरादाबाद की पॉश कॉलोनी सिविल लाइन्स में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने मुरादाबाद के सेंट मैरी स्कूल से की, जहां उन्होंने पांचवीं कक्षा तक शिक्षा हासिल की। बचपन से ही उनका स्वभाव बेहद शांत और साधारण रहा। वे ज्यादा दोस्त नहीं बनाते थे और पढ़ाई पर खास ध्यान देते थे। यही अनुशासन आगे चलकर उनकी सफलता की नींव बना।
भले ही सबीह खान लंबे समय से विदेश में रह रहे हों, लेकिन मुरादाबाद से उनका रिश्ता कभी नहीं टूटा। उनके रिश्तेदार बताते हैं कि वे समय-समय पर मुरादाबाद आते रहे हैं और सभी से बेहद सादगी और अपनापन के साथ मिलते रहे हैं। करीब 16 साल पहले वे एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए सिंगापुर से मुरादाबाद आए थे। उस दौरान पुराने दोस्तों और परिवार वालों से उनकी मुलाकात हुई थी, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।
सबीह खान के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। उनके दो छोटे भाई भी विदेश में रहते हैं। शमी खान लंदन में बसे हुए हैं, जबकि सलमान खान सिंगापुर में रहते हैं। मुरादाबाद में उनके कुछ रिश्तेदार आज भी सिविल लाइन्स के उसी मकान में रहते हैं। परिवार के लोग यहां एक इंग्लिश मीडियम स्कूल और एक होटल का संचालन करते हैं, हालांकि सबीह खान की निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं की जाती।
मुरादाबाद जैसे शहर से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचने वाले सबीह खान आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत, अनुशासन और दूरदर्शिता हो, तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।

