
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने परिसर में धरना-प्रदर्शन पर लगाई रोक
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने परिसर में धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यूजीसी के नए नियमों को लेकर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा था। बिना पूर्व अनुमति किसी भी कार्यक्रम या सभा पर रोक है, उल्लंघन करने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यूजीसी के नए नियमों को लेकर विरोध और समर्थन के चलते लगातार प्रदर्शन का केंद्र बने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के नियंता की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना पूर्व अनुमति कोई भी समूह परिसर में कार्यक्रम, सभा या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यार्थियों और विभागों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय परिसर बीते कुछ समय से यूजीसी के नए नियमों को लेकर छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आए दिन धरना, नारेबाजी और सभाओं के चलते शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों से पढ़ाई-लिखाई, शोध कार्य और कार्यालयी गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कठोर निर्णय लिया है ताकि परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखा जा सके।

