
CM के निर्देश पर चिलुआताल का जिम्मा संभालेगा GDA, पर्यटन और वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में होगा विकास
मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) चिलुआताल को टेकओवर कर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगा। पहले चरण में जलकुंभी की सफाई और ताल की सुंदरता संरक्षण पर काम होगा। 20.35 करोड़ रुपये से घाट, वॉकिंग ट्रैक और अन्य सुविधाएं पहले ही विकसित की जा चुकी हैं। आगे वाटर स्पोर्ट्स, नौकायन और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यहां 134 करोड़ रुपये की लागत से 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी लगाया जाएगा।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर।

रामगढ़ताल मॉडल पर होगा संरक्षण और विकास, रोमांचक गतिविधियों से पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी
गोरखपुर के प्रसिद्ध चिलुआताल को अब रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने ताल के संरक्षण, रखरखाव और विकास की दिशा में पहल शुरू कर दी है। प्राधिकरण जल्द ही चिलुआताल को टेकओवर कर इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने हालिया गोरखपुर दौरे के दौरान चिलुआताल के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण कार्यों की समीक्षा की थी। इसी दौरान उन्होंने जीडीए को ताल का प्रबंधन अपने हाथ में लेकर सफाई, रखरखाव और भविष्य की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अब इन निर्देशों पर अमल शुरू हो गया है।
पहले चरण में होगी जलकुंभी की सफाई
GDA की ओर से सबसे पहले चिलुआताल में फैली जलकुंभी की प्रभावी सफाई कराई जाएगी। इसके साथ ही जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
20.35 करोड़ की लागत से पूरा हुआ पहला चरण
पर्यटन विभाग द्वारा चिलुआताल के विकास और सुंदरीकरण पर 20.35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कार्यों का लोकार्पण भी किया था।
परियोजना के तहत ताल क्षेत्र में पक्का घाट, वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, लैंडस्केपिंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का बनेगा बड़ा केंद्र
अगले चरण में GDA चिलुआताल में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करेगा। मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि इसे ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके तहत नौकायन, जलक्रीड़ा, मनोरंजन सुविधाएं, आकर्षक तट विकास और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन ढांचे पर काम किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई रोमांचक गतिविधियां भी शुरू करने की योजना है।
134 करोड़ से लगेगा 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट
चिलुआताल को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई पहचान मिलने जा रही है। कोल इंडिया की ओर से यहां लगभग 134 करोड़ रुपये की लागत से 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा।
राज्य सरकार इस परियोजना को मंजूरी दे चुकी है। इसके शुरू होने के बाद चिलुआताल पर्यटन के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी पहचान
अधिकारियों का मानना है कि यदि रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल में भी सुनियोजित ढंग से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया गया, तो यह पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन, मनोरंजन और पर्यावरण संरक्षण केंद्रों में शामिल हो सकता है। साथ ही इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।


