
बेटा बना पिता का कातिल, लाश के कर दिए कई टुकड़े
लखनऊ में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की उन्हीं के बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में शव को आरी से काटकर टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथालॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में आरोपी बेटे ने बताया कि पिता उस पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कहते थे। इसी वजह से वह पिता से नाराज रहता था। उसने पिता की लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या की थी। अपने पड़ोसी समेत कई अन्य लोगों से पिता के लापता होने और उनकी आत्महत्या की झूठी कहानी भी गढ़ी थी। घटना से पड़ोसी भी दहशत में हैं।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, आशियाना के सेक्टर एल निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह के बेटे अक्षत ने थाने पर पहुंचकर पिता के लापता होने की सूचना देते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छानबीन शुरू हुई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने बेटे अक्षत से भी घटना को लेकर जानकारी की, लेकिन वह गोलमोल जवाब देता रहा। सख्ती से पूछताछ हुई तो अक्षत टूट गया और उसने खुद ही पिता की हत्या करने की बात स्वीकार की।
पूछताछ में अक्षत ने बताया कि 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे किसी बात को लेकर उसका पिता से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने मकान की तीसरी मंजिल पर मौजूद पिता के माथे में गोली मारकर हत्या कर दी। रात में शव को चोरी छिपे भूतल पर लाया और खींचकर उसे एक कमरे में ले गया। इसके बाद हाथ और पैर काट दिए। पकड़े जाने के डर से हाथ-पैर पारा के सदरौना स्थित जंगल में फेंक आया। शव के बाकी बचे हिस्से को एक ड्रम में छिपाकर रख दिया। सोमवार को पुलिस जांच करने पहुंची तो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त शव ड्रम से बरामद हुआ। पुलिस ने बचे हुए हिस्से को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

