
अमेरिका-ईरान युद्ध का भारतीय उद्योग पर भी प्रभाव
खाड़ी देशों में टकराव की वजह से समुद्र के रास्ते कारोबार में रुकावट का गुजरात की इंडस्ट्री और बिज़नेस पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है
अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने भी इन दोनों देशों के ठिकानों पर हमले किए हैं. यह संघर्ष खाड़ी समेत दुनिया के कई देशों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
इस झगड़े की वजह से कई एयरलाइंस ने खाड़ी देशों के लिए अपनी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं, जिससे हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है. समुद्र के रास्ते से भी खाड़ी देशों में सामान लाने-ले जाने या वहां से गुज़रने में भी रुकावट आई है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाड़ी देशों में झगड़े की वजह से समुद्र के रास्ते इंटरनेशनल ट्रेड में रुकावट का गुजरात के उद्योगों और बिज़नेस पर गंभीर असर पड़ेगा.
गुजरात के मोरबी में सिरेमिक उद्योग से जुड़े लोगों ने बीबीसी को बताया कि उन्हें डर है कि अगर झगड़ा कई और दिनों तक जारी रहा, तो मोरबी की सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद करनी पड़ेंगी.
ट्रेडर्स का कहना है कि उन्हें डर है कि अगर खाड़ी देशों का बड़ा मार्केट लंबे समय तक अस्थिर रहा, तो इसका चावल, चीनी, गेहूं और सिरेमिक टाइल्स वगैरह के एक्सपोर्ट पर बुरा असर पड़ेगा.
इस अस्थिरता का सीधा असर गुजरात समेत पूरे भारत के किसानों पर पड़ सकता है.

